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Friday, July 17, 2020

205:-भोजपुरी।

अइसन  बीमारी  आइल  बा
मनवा ई  काहे  घबराइल बा
जे रहले  ई भगवान  देश  के
ऊ  बीमार  होके  आईल बा।

सावधानी ही बस  इलाज हवे
नाही कउनो  ऐकर  दवाई हवे
एक ग़ज़ की दूरी बनावे के बा
कोरोना  से  देश  बचावे के बा

ई कोरोना  नाही ई अभिशाप ह
इंसानी  कारतूतन के त पाप  ह
अब्बों से अपने में तू सुधार लाव
जिंदगी नाही आपन  दाव लगाव

मुँह नाक  हमेशा से ढकल करअ
हाथें के साबुन से तू धोवल करअ
भूल कर केहू से  हाथ न मिलइह
कबहुँ कहूं  के नगिचे न बईठइह।

घरवा में  सबकर ख्याल तू धरिह
माई के  काम  में  तू  हाथ बटइह
भूलवइह  जीन  तू  घरवा  आपन
सबही  के  संग  तू  प्यार  बटईह

कोरोना बीमारी ते कल चल जाई
बितल वक़्त फिर न वापस आयी
ऐसे ई समय के खुल के जी लिहा
माई बाउजी संग बईठ चाय पीहा।

अविनाश सिंह
8010017450


204:-भोजपुरी।

कबहु न सोचले रहनी अइसन समय आयी
मीतऊ  के गले लवागे में मन इतना घबराई
घर रोटी  के महंग भइल सब्जी ले अंगड़ाई
जाने कौन पाप के सजा भोगे हम सब माई

अइसन बीमारी हवे कोरोना न दर न दवाई
कहाँ मंदिरों में हम भगवानों के  दर्शन पाई
जोड़ के हाथ सामने  हम माफ़ी मांग आयी
कबहु न सोचले रहनी अइसन समय आयी

देख सामने एक दुसरे के सब नजर  घुमाई
अइसन लागे हम कउनो चोर उच्चका भाई
केहू न जाने  कोरोना कितनो जान ले जाई
कबहु न सोचले रहनी अइसन समय आयी

गरीब मजुर के देख दशा ई आँख भर आई
भूखे पेट छोड़ के रोजगारी पैदल चले भाई
नाही अब बचल परिवार ना कउनो  कमाई
कबहु न सोचले रहनी अइसन समय आयी

आधुनिकता में कहवा से अइल्स ई बीमारी
सब देशन में फइलल बा कोरोना महामारी
ना ऐकर इलाज हा ना ऐकर कउनो  दवाई
कबहु न सोचले रहनी अइसन समय आयी

अविनाश सिंह
8010017450

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