Thursday, July 9, 2020

95:-करुणा करुण।

करुणा की करुण में जीवन अपना देख
इन मोती सी आँसुओ को व्यर्थ में न बेच
क्या कमी थीं क्या गलती हुई न अब सोच
ऐसे बिस्टर में सिमट कर मत जीवन देख।

कुछ सपनों के टूटने से मत इतना घबरा
हिम्मत से काम ले तू ना  इतना झल्लाह
मुश्किल से कर डट सामना यह जान ले
आगे बहुत कुछ हैं जिंदगी में यह मान ले

करुणा को लिख कर मत कर उजागर
भरदे इस करुणा में खुशियों के सागर
करुणा दिखाकर नही मिलता समाधान
करके मंथन इसपर होगा तभी समाधान।

अविनाश सिंह
8010017450

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