Thursday, July 9, 2020

87:-रमज़ान पर्व।

यह है प्रेम खुशी का माह
पाक रखो अल्लाह के नाम
मत करना कोई गलत काम
वरना नही मिलेगा कही ईमान

चाँद देखकर तुम जरूर सोचना
काश मैं भी ऐसा ही बन जाता
कभी मैं ईद का चंद बन जाता तो
कभी पूर्णिमा का चाँद बन जाता।

देखों ज्ञान देने फिर आया रमज़ान
अल्लाह ने दिया आज हमें कुरान
छोड़ दो आज से ही हर एक बुराई
तभी होगा तुम्हारा भी खूब सम्मान।

बेहद  खुशी  का यह  पर्व होता हैं
शांति समृद्धि का यह उत्सव होता हैं
तभी तो सब लगाते हैं  दूसरे को गले
और हर बुराई का आज अंत होता है।

क्या हैं रमजान एक बार जरूर जानों
इसकी महत्वता को तुम भी पहचानो
जरूरी नही रोजा सिर्फ मुस्लिम ही रहे
एक दिन का रोजा तो तुम भी तो रहो

हर गुनाहों की माफी तो मिलती ही हैं
जो सच्ची दुआ करे वो कबूल होती हैं
अल्लाह के नजर में तो सब बराबर हैं
इसलिए  अल्लाह सबकी ही सुनता हैं

प्रेम,भाईचारे का संदेश देता रमज़ान
हर दिलों में उमंग भर देता हैं रमज़ान
कल के रोजे से हर पाप का अंत होगा
नई जिंदगी की शुरुआत देता हैं रमजान

बहुत कुछ सिखाता हैं हमे यह रमज़ान
झूठ बोलना हिंसा करना गलत सोचना
निंदा करने से दूर करता है यह रमज़ान
तभी तो इसकी महत्वता है बहुत महान

क्यों रहते हैं भूखे प्यास इसे जरूर जानों
ऐसा करके भूख की समस्या को पहचानों
अल्लाह के नजर में तुम्हे सजदा करना हैं
हर गलती पर तुम्हे दीन से माफी मांगना है।

अविनाश सिंह
8010017450

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