Thursday, July 9, 2020

86:-गाँव की हवा।

जिस हरियाली के लिए तुम पार्क जाते
कई घंटों जहाँ अपना वक़्त  बिताते हो
हम उसी हरियाली में 24 सो घंटे रहते है
शुद्ध हवा और पानी का हम सेवन करते हैं

कुछ कमी नही नजर आती मेरे गाँव में
शुद्ध हवा मिलती है फ्री यहाँ मेरे गाँव में
कहते हैं शिक्षा में पीछे होते गाँव के बच्चे
मैंने किसान का बेटा ias बनते मेरे गाँव मैं।

सुना है तुम जल में भी क्लास रखते हो
पीते हो बिसलेरी प्रयोग में लाते और को
मैंने तो कुँए का पानी पीते देखा हैं गाँव को
और उसी पानी से नहाते भी देखा है गाँव को।

होती हैं गाँव में सुबह जहाँ चिड़ियों की चहचाहट से 
उठते है जहाँ लोग यहाँ बगल पड़ोस की आहत से
यू तो सूर्य की किरणें पहुँचती हैं हर घर के आँगन में
बस शहर क़ी सुबह होती मोबाइल की झनझनाट से।

अविनाश सिंह
8010017450

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