न हमेशा लाइट मिलती हैं गाँव में
फिर भी सब खुशी से सो जाते हैं
वो ए.सी कार से घर वापस आते
फिर भी वह उदास नजर आते हैं।
मैंने शहर देखा है मैंने गाँव देखा है
जो शांति गाँव में हैं वो कहीं न देखा
यह तो मजबूरी हैं इंसान की वरना
मैंने दूध का पैकेट बस शहर में देखा।
जो कहते है गाँव बहुत पीछे होता हैं
हम शहर वालो से बहुत नीचे होता है
उनको बता दूँ वो गलत सोच रखते हैं
हम गाँव वाले भेदभाव से ऊपर जीते हैं
आओ कभी तो तुम्हें गाँव घुमाते है
यहाँ बाग और खेतों की सैर कराते हैं
तुमने देखें होंगे वहाँ मॉल और पीवीआर
यहाँ आओ तुम्हें हम प्रकृति से मिलाते हैं
अविनाश सिंह
8010017450
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