क्या निर्भया को मिल गया है इंसाफ
एक बार जरा सोच करके तो देखिये
क्या यही थी उनके गुनाहों की सजा
इनके कुकर्मों को जरा पढ़के देखिये
मरते दम तक था वकीलों का हाथ
जो करता था झूठे दलीलों पर बात
जिसनें तार-2 किया माँ के जज्बात
कैसे कहूँ की हुआ यहां एक इंसाफ
सात साल का वक़्त क्यो लग गया
सिर्फ फाँसी की सजा ही क्यों हुई
क्यो नही रेता गया इनके अंगों को
ये सजा होनी चाहिए थी दरिंदो को
सात सालों तक राज किया जिसनें
कोर्ट का वक़्त जाया किया जिसने
अब जाकर मिली है उन्हें ये फाँसी
जो थे इस देश के गले की खाँसी
क्या निर्भया को सुकून मिला होगा
उसकी आत्मा कोशांति मिला होगा
या उसकी रूह शांत हो गयी होगी
नही वह न्याय से ही रूठ गयी होगी
वह वकील इस देश पर कलंक था
जो लड़ रहा था केस इन दरिंदों का
चलों इसका भी अंत हार कर हुआ
वरना बन जाता ये औरों का मसीहा
अविनाश सिंह
8010017450
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