इंसान हूं मैं,
हैवान मत समझ लेना।
शेर हूं मैं,
तो गीदड़ मत समझ लेना।
खामोश हूं मैं,
तो गूँगा मत समझ लेना।
समाज सेवक हूं मैं,
तो नौकर मत समझ लेना।
सिविल इंजीनयर हूं मैं,
मिस्त्री मत समझ लेना।
सच्च का साथ देता हूं,
तो घूसखोर मत समझ लेना।
अध्यापक हूं मैं, गली का
झोला छाप मत समझ लेना।
गोरखपुर का निवासी हूं मै,
तो बिहार का मत समझ लेना।
लोगो के हित में लड़ता हूं,
तो आतंकवादी मत समझ लेना।
2,4कविता भी मैं भी लिख लेता हूं,
तो कवि मत समझ लेना।
यही मेरा सम्पूर्ण परिचय है,
इसे कॉपी पेस्ट मत समझ लेना।
अविनाश सिंह
8010017450
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