न हिन्दू बनो न मुसलमान बनो,
बनना है तो सिर्फ इंसान बनो।
मानो सभी धर्मों को,
करो अच्छे कर्मों को।
गीता पढो, कुरान पढो,
सबका तुम सम्मान करो।
मत लड़ो मजहब के नाम पे,
भाईचारा रखो, दुसरो के काम करो।
इंसान बनो, न हैवान बनो,
कुछ ऐसा करो की भगवान बनो।
लिया है जन्म जो इस धरती पे,
नभ में भी ऊँचा अपना नाम करो।
देशहित के खातिर तुम,
अपना सब कुछ बलिदान करो।
न बाटों देश को जात पात के नाम पे,
विदेशों में सर ऊँचा करने का काम करो।
ना हिंदी का तुम अपमान करो,
मातृभाषा का तुम सम्मान करो।
अविनाश सिंह
8010017450
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