Wednesday, July 8, 2020

43:-मेरा प्यार तो है।

एक तरफा ही सही मेरा प्यार तो है,
तुझे फर्क नही पर मेरा प्यार तो है।

तू खुश है बहुत इसकी खुशी है,
और तुझे ना पाने का गम आज भी है।

डूबा हुआ चाँद भी लौट के वापस आ जाता
पर तेरा ऐसे जाना कभी समझ नही आता

एक तरफा ही सही मेरा प्यार तो है,
तेरे चहरे पे हँसी मेरे अक्स में नमी आज भी है।

आंसुओ से मेरा नाता कम नही होता,
तुझे खोने का गम मुझे कम नही होता।

रोता है दिल तेरे मात्र रूठ जाने से,
मिलती नही सच्ची मोहबत इस जमाने मे।

रात का अन्धेरा भी आज कम ना था,
मेरे आंसुओ को देखने अब चांद भी न था ।

शब्द ही नही जो तुझे लिख के मैं बता सकु,
मैं भगवान नही जो सीना चिर के दिखा सकूँ।

अविनाश सिंह
8010017450

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