प्यार जब पहली बार होता है
दिल न जाने इतना पागल क्यो होता है।
हर बार बस उसकी ही याद आती है,
हार्ट बीट न जाने इतनी क्यो बढ़ जाती है।
उसके गुड मॉर्निंग से ही सुबह होती,
रात भर न जाने उससे ही क्यों बाते होती है।
संग उसके वक़्त बिताने को दिल चाहता है,
जुबा पे बस उसका ही नाम क्यो आता है।
चोरी से देख उसे न जाने क्या मिल जाता है,
पास आने पे दिल इतना क्यो उससे शर्माता है।
न जाने क्यों हर वक़्त उससे ही तकरार होता है,
क्या सच मे प्यार का एह्साह इतना मीठा होता है।
अविनाश सिंह
8010017450
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