Wednesday, July 8, 2020

36:-जिंदगी के ख़्वाब।


यूँ जिंदगी के एक ख़्वाब दिखा गया है कोई,
साथ न होते हुए भी एक एहसास सा जगा गया है कोई
साथ तो था कुछ ही पलों का उनके संग,
पर कदम से कदम चलने का वादा भी कर गया है कोई ।

यूँ जिंदगी के हर एक राज बता गया है कोई,
कुछ न कहते हुए भी हर एक बात बता गया है कोई
नन्ही सी आँखों के आँशुओ को पोछा है उसने,
हर वक़्त तो नही पर कुछ लम्हो में हँसा गया है कोई।

यूँ जिंदगी के कुछ मक़सद सीखा गया है कोई,
अँधेरी सी कोठरी में भी एक रोशनी दिखा गया है कोई
प्यार तो था उनको भी अंदर ही अंदर,
पर दिल की जज्बातों को मेरे बाहर निकाल गया है कोई।

यूँ जिंदगी के कड़वे सच बता गया है कोई,
ईश्वर ने चाहा तो मिलेंगें जरूर ये बात बता गया है कोई
मिलना के सपने तो सजा लिया लिए है मैंने,
पर सपने सच होंगें या नहीं ऐसी राज न बताया है कोई।

अविनाश सिंह
801007450

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