जो तू न होगी तो मेरा क्या होगा,
जिंदगी में बस अंधेरा ही होगा।,
न सुबह होगी न मेरा शाम होगा
जिंदगी का कोई न मुकाम होगा।
रास्ते होंगे पर उसपे चलना न होगा
अब मेरा कोई भी अपना न होगा,
जो तू न होगी तो मेरा क्या होगा,
जिंदगी में बस अंधेरा ही होगा।,
बिन तेरे अब कोई वजूद न होगा,
सब बेकार होगा कुछ नया न होगा
जो तू न होगी तो मेरा क्या होगा,
जिंदगी में बस अंधेरा ही होगा।
बगिया में अब कोई फूल न होगा,
अब जिंदगी में बस शूल ही होगा,
जो तू न होगी तो मेरा क्या होगा,
जिंदगी में बस अंधेरा ही होगा।
आँखों मे बस अब आशु ही होगा,
हर वक़्त बस तेरा ही नाम होगा,
जो तू न होगी तो मेरा क्या होगा,
जिंदगी में बस अंधेरा ही होगा।
अविनाश सिंह
8010017450
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