Thursday, July 9, 2020

103:-हाइकु।

राम लक्ष्मण
हिंदू मुस्लिम बने
बंधुत्व दिखे।

नारी सम्मान
होता सबसे महान
बनो इंसान।

बेटी दुलारी
घर की बने प्यारी
होती पराई।

दहेज प्रथा
हर घर की व्यथा
सहता पिता।

घर की आश
दो घर की चिराग
होती हैं बेटी।

धार्मिक दंगा
करे नेता को चंगा
हो देश नंगा।

बेटी के रूप
दुर्गा लष्मी सम्मुख
है अनुरूप।

घर की बेटी
है खजाने की पेटी
वंश है देती।

बेटी का आना
हुआ जग सुहाना
रंग उड़ाना।


अविनाश सिंह

8010017450

No comments:

Post a Comment

हाल के पोस्ट

235:-कविता

 जब भी सोया तब खोया हूं अब जग के कुछ  पाना है युही रातों को देखे जो सपने जग कर अब पूरा करना है कैसे आये नींद मुझे अबकी ऊंचे जो मेरे सभी सपने...

जरूर पढ़िए।