Tuesday, July 7, 2020

10:-मेरा साथ निभाना।

सुबह हो या शाम तुम मेरा साथ निभाना,
मेरी मंजिल को एक नया रास्ता दिखाना। 

मेरी गलतियों को सदा माफ करते जाना,
मेरी जिंदगी को एक नया सवेरा देते जाना,

मैं तुम्हारे साथ हूं ये कभी भूल न जाना,
सुबह हो या शाम तुम मेरा साथ निभाना।

अगर मैं रोऊं तो हमेशा चुप कराना,
मेरी गलतियों को सदा माफ करते जाना ।

मेरी मोहब्बत पर कभी शक़ ना करना,
सुबह हो या शाम तूम मेरा साथ निभाना।  

मैं रुकूँ तो मेरा हाथ पकड़ के चलाना,
अगर भट्कू तो सही मार्ग दर्शन कराना ।

मेरी बातोंं से कभी नाराज ना हो जाना,
मेरा साथ तुम जन्म जन्म तक निभाना।

अगर हँसु तो तुम भी हंस लेना,
इस खुशी का हिस्सा तुम भी बन लेना।

बीता हुआ कल देखा है मैंने,
बीती हुई यादें याद है मुझे।

मेरी बातों को याद करके तुम भी हंस लेना,
जिंदगी के इस सफर में खूब आगे बढ़ लेना।

मैं तुम्हारा ही हूँ ये कभी भूल न जाना,
सुबह हो या शाम तुम मेरा साथ निभाना।

अविनाश सिंह
8010017450

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