Thursday, July 9, 2020

98:-दुःखी न हुआ करो।

जिंदगी में  ऐसे दुःखी  हुआ न करो
सपनों के टूट जाने  से रोया न करो

जो नही मिल पाया उसका क्या गम
जो है  पास उसे कभी खोया न करो

सबसे मित्रता का भाव निभाते चलो
काँटो के  पौधों  कभी बोया न करो

मिलेंगे राह में तुम्हारे  कांटे बहुत से
उन काँटो से  किनारा किया न करो

रात्रि अंधेरों से लगता होगा डर तुम्हें
ऐसे डर-डर के जीवन जिया न करो

दिलमें छिपे होंगे तुम्हारे बहुत से दर्द
हर दर्द को गैरो  से तुम बया न करो

होंगे विष रूपी अमृत पीने को बहुत
बिन समझे अमृत को  पिया न करो

है जिंदगी में बहुत से प्रश्न अविनाश
हर प्रश्नों का उत्तर तुम दिया न करो

अविनाश सिंह
8010017450

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