तुझसे प्यार है इसलिए तुझसे ही बात है,
तुझसे ही रात होती है तुझसे ही सुबह है।
कैसे कहूं तुझसे मैं अपनी दिल की बात,
तू समझ नही पाती मेरे दिल के जज्बात।
जानता हूंतुझे दुनिया ने धोखा दिया होगा,
बीच राह में तेरा हाथ अकेला छोड़ा होगा।
इस लिए तो मैं तेरा हाथ थामना चाहता हूं,
तुझे हर खुशी का हकदार बनाना चाहता हूं।
तुझे लगता होगा मैं एक दिन चला जाऊंगा,
तेरा साथ मैं छोड़ कर आगे निकल जाऊँगा।
ऐसा तेरी सोच है और तेरी ऐसे जज्बात है,
मुझे तुझसे यारी है और कोई भी न बात है।
अविनाश सिंह
8010017450
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