Wednesday, July 8, 2020

26:-प्रेम की डोर।

हा जनता हूँ तुम प्यार बहुत करती हो,
दिलो पे कुछ बात है जिसे तुम छिपाती हो।

छुपाती हो गमो को, मेरा इंतेजार बहुत करती हो,
हर घड़ी हर पल मेरा ही साथ देती हो,

चाहा था तुमसे एक रिश्ते को जोड़ना,
हर पल का साथ कभी न छोड़ना

प्यार सबका झूठा था तेरा प्यार अनोखा था,
सबका दुख पराया था मेंरा दुख तेरा अपना था।

सब ने मुझे सताया मुझे सताया था तूने मुझे अपनाया था,
सब ने पैसे को प्यार किया और तूने मुझे प्यार दिया ।

सबका मैंने ऐतबार किया और तूने मेरा दीदार किया,
सब ने मुझे रुलाया था और तूने मुझे हँसाया था, 

वक्त ने सब कुछ बदल दिया और तूने वक्त को ही बदल दिया
फिर भी मैंने सबको माफ़ कर दिया,और मैंने तुझे "अपना" कह दिया।

अविनाश सिंह
8010017450

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