Tuesday, July 7, 2020

20:-मैं रहूँ या ना रहूँ।

रहूं या ना रहूं भले तेरे पास, 
मेरी यादे रहेंगी हर वक़्त तेरे साथ।

मेरी कमी तुझे खलेगी, 
मेरी बाते हर पल तुझे याद रहेगी।

मैं कहता रह गया हर वक़्त एक बात, 
तू दे-दे न मुझे जीवन भर का साथ। 

मेरी बातें तुझे सताएगी, 
चाह के भी तू मुझे न अब सुन पाएगी। 

छोड़ जाऊंगा मैं हमेसा का साथ, 
तू हो जाएगी मेरे बिन एक सुना सा ख्वाब। 

अकेले में बस तुझे आँशु ही आएंगे, 
चुप कराने को मेरे हाथ तुझसे दूर हो जाएंगे। 

तेरी मंजिल भी होगी,तेरे सपने भी होंगे, 
पर हर मोड़ पे मेरे जैसे तेरे अपने न होंगे।

हर बीते पल को देख तुझे दुख सा होगा, 
सब कुछ होगा पर मेरा साथ न होगा। 

कामयाबी के हर परचम को तू पाएगी, 
मेरे बिन इन कामयाबी को तू किसे दिखलाएगी। 

रह पायगी तू बिन मेरे बस मुझे इतना बता दे, 
क्या भूल जायेगी उन बीते पल को बस इतना बता दे

अविनाश सिंह
8010017450

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