बाहों में भर लो मुझसे कोई दूरी ना हो,
भले मजबूरी हो फिर भी कोई दूरी न हो,
यू तो बहुत है तुम्हे पलकों पे बैठाने वाले,
संग जीने के लिए एक रात की भी दूरी न हो।
लोग कहते है दूर रहने से प्यार बढ़ता है,
और पास आने से तकरार बढ़ता है,
हम क्या बताये अपने रिश्ते को जनाब,
ये पास हो या दूर ये निरंतर ही बढ़ता है।
तुझसे लिपट के सारे दुख भूल जाता हूं मैं,
न चाहते हुए भी तुझसे लिपट ही जाता हूं मैं,
कैसे बताऊ तुझ बिन रात कैसे काटता हु,
तुझसे बात करने के खातिर रात भर जागता हु मै।
तू थोड़ा कदम बढ़ा मैं रास्ता भी खोज लूंगा,
तू साथ दे तो थोड़ा मै पत्थरों से भी लड़ लूंगा,
न सोच क्या कहेगा क्या सोचेगा जमाना,
तू थोड़ा हस तो सही मैं चाँद भी तोड़ लाऊँगा।
बस साथ चाहिए मैं बहुत कुछ हासिल कर लूंगा,
खुद नीचे सो के भी मैं तुझे पलकों पे सुला लूंगा,
तेरी खुशी के लिए मैंने बहुत कुछ सहा है,
तेरे हसी के खातिर यदि काटो पे चलना रहा तो मैं
खुशी से चल लूंगा।
मैं अच्छा लिखता या खराब लिखता हु,
नही पता मुझे मैं क्या लिखता हु,
हा इतना सच तो जरूर है ये ,
मैं सच की नोख पे सच को लिखता हूं।
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