Thursday, July 9, 2020

119:-क्षणिकाएंं

आँचल में छिपाई
समाज से बचाई
फिर न जाने दरिंदो
ने कैसे खोज लिया 
मिलके रेप किया।

जात मिलाया
गोत्र मिलाया
कुंडली मिलाया
फिर भी क्या भरोसा
हुआ तब भी धोखा।

दिया है दहेज
दिया है बेटी
बेच घर की खेती
हाथ जोड़े बार बार
रखना बेटी का ख्याल।

कोरोना बीमारी
बन गयी महामारी
नही कोई इलाज
करो परमाणु पे नाज
कोरोना करे विनाश।

हुआ प्रकृति का दोहन
नहीं किया तुमने सहन
प्रकृति करती कमाल
फेंका है कोरोना जाल
फस गए इसके लाल

अविनाश सिंह
8010017450

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