Thursday, July 9, 2020

117:-बीबी की मनमानी।

बीबी करती है मन मानी
नही बनाती है खानापानी।

कहती है की घूमने ले चलो
पार्क की सैर कराने ले चलो।

कैसे उसे अब समझाऊ मैं
कोरोना का डर दिखाऊ मैं।

कहती नई साड़ी दिलाओ
मैचिंग की मास्क ले आओ।

करती घर में वो है मनमानी
नही बनाती है खाना पानी।

उसे नही किसी का भी डर है
न कोरोना का कोई भय है।

उसे तो चाहिए शॉपिंग करना
कॉस्मेटिक्स का है ढेर करना।

बहुत बड़ी घर में विपदा आयी
बीबी आज ही  जिद पर आई।

कहती कोरोना से नही मैं डरती
जैसे तुमपे बेलन से वार करती।

वैसे ही कोरोना भी मैं लड़ लुंगी
उसे भी मैं घर से बाहर कर दूंगी।

बहुत बड़ी आयी घर में परेशानी
बीबी करती घर में ही मनमानी।

अविनाश सिंह
8010017450

No comments:

Post a Comment

हाल के पोस्ट

235:-कविता

 जब भी सोया तब खोया हूं अब जग के कुछ  पाना है युही रातों को देखे जो सपने जग कर अब पूरा करना है कैसे आये नींद मुझे अबकी ऊंचे जो मेरे सभी सपने...

जरूर पढ़िए।