दिखावे लोग
लगे मन को प्रिय
रहो सक्रिय।
बाग बगिया
बने स्विमिंग पूल
इंसानी भूल।
कोयल कूक
इंसानी करतूत
हुए विलुप्त।
वाणी के गुण
मिले धन सम्मान
रखना ध्यान।
कोख में हत्या
होता कानूनी जुर्म
नर्क में जन्म।
बेटी के काम
झाड़ू चौका बर्तन
बेटों से भेद।
होती पराई
गैरो के घर आई
लाडली बेटी।
कोमल हाथ
कालिख से है सने
फफोले पड़े।
सौदा में धोखा
बेटी के साथ खेल
जीवन हेल।
सपना टूटा
आकर ससुराल
हुई बेहाल।
अविनाश सिंह
8010017450
No comments:
Post a Comment