Tuesday, July 7, 2020

1:-कुछ लिखना चाहता हूं।

कुछ लिखना चाहता हूं
कुछ कहना चाहता हूं

हा आज मैं कुछ बताना चाहता हूं
तुम्हरी याद में तुम्हे कुछ कहना चाहता हूं।

तुमसे दूरी सहा नही जाता
मुझे दूरी में रहा नही जाता

इतना प्यार है तुमसे 
बस मैं जनता हूं।

किसी और का पता नही
जितना तुझे मैं मानता हु।

अब याद आ रही है
मुझे यह बहुत सत्ता रही है

तुम्हारे हाथों के स्पर्श चाहता हूं
तुमसे हमेशा का साथ चाहता हूं

नही चाहिए मुझे कोई सा धन
ना ही कोई सोने का खान

बस तुमसे तुम्हरा साथ चाहिए
न आज का न कल का
मुझे हमेशा के लिए तुम चाहिए।

अविनाश सिंह
8010017450


No comments:

Post a Comment

हाल के पोस्ट

235:-कविता

 जब भी सोया तब खोया हूं अब जग के कुछ  पाना है युही रातों को देखे जो सपने जग कर अब पूरा करना है कैसे आये नींद मुझे अबकी ऊंचे जो मेरे सभी सपने...

जरूर पढ़िए।